पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान विष्णु के अवतार परशुराम जी का जन्म धरती पर हो रहे अन्याय, अधर्म और पाप कर्मों का विनाश करने के लिए हुआ था.

उन्हें सात चिरंजीवी पुरुषों में से एक माना जाता है. परशुराम जी का जन्म के वक्त राम नाम रखा गया था.

वे भगवान शिव की कठोर साधना करते थे.

जिसके बाद भगवान भोले ने प्रसन्न होकर उन्हें कई अस्त्र-शस्त्र प्रदान किए थे. परशु भी उनमें से एक था जो उनका मुख्य हथियार था.

उन्होंने परशु धारण किया था इसलिए उनका नाम परशुराम पड़ गया.

भगवान परशुराम का जन्म भले ही ब्राह्मण कुल में हुआ हो लेकिन उनके गुण क्षत्रियों की तरह थे.

ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका के पांच पुत्रों में से चौथे पुत्र परशुराम थे. परशुराम भगवान भोलेनाथ के परम भक्त थे.